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Geeta , Spritiual , Philosophy , Life and Motivation

चाय

"चाय "  घर में बने चाय  मच जाय 'हाय हाय '.  चाय की  प्याली , आधी भरी है और आधी है खली. बिना इस चाय , दिन न बीत जाय. यह फैलती खुशबूदार हवा , कुछ के लिए काम करती जैसे दवा.  जब मिले चाय , बिस्किट हाथ में आ जाय.   अच्छी मित्रता निभाना , कहीं जहाँ से यह कही वापस न चले जाय. फिर बहुत पड़ेगा पछताना , अगर यह तुमने नहीं जाना.  अथर्व  शुक्ला 
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